राजपूत मटन

आइये जानते हैं टेस्‍टी मटन पाया बनाने की विधि।
कितने- 5

तैयारी में समय- 30 मिनट

सामग्री- पाया- 6

प्‍याज- 4

टमाटर- 2

अदरक लहसुन पेस्‍ट- 3 चम्‍मच

मिर्च पाउडर- 2 चम्‍मच

हल्‍दी पाउडर- 1/4 चम्‍मच

धनिया पाउडर- 3 चम्‍मच

धनिया पत्‍ती- 1 चम्‍मच

तेल- 4 चम्‍मच

नमक- स्‍वादअनुसार

विधि- आपको सबसे पहले पाया को अच्‍छी तरह से धो कर सुखा लेना होगा। एक प्रेशर कुकर में हल्‍का सा तेल डाल कर गरम करें। फिर उसमें स्‍लाइस किये प्‍याज, अदरक लहसुन का पेस्‍ट डाल कर फ्राई करें। जब प्‍याज गोल्‍डन ब्राउन हो जाए तब उसमें स्‍लाइस टमाटर डाल कर अच्‍छी तरह से फ्राई करें। जब सारा मिश्रण मिक्‍स हो जाए तब उसमें हल्‍दी, मिर्च, धनिया पाउडर और नमक डालें। 10 मिनट तक मसाला पकने के बाद उसमें धुला हुआ पाया और धनिया की पत्‍तियां डालें। इसे चलाएं और 10 मिनट तक पकने दें। अब इसमें थोड़ा सा पानी डालें और चलाएं। पानी जब उबलना शुरु हो जाए तब प्रेशर कुकर का ढक्‍कन लगा कर उसे बंद कर दें। कुकर में 7 सीटी आने तक ग्रेवी को पकाएं और फिर आंच को बंद कर दें। आपका जाकेदार मटन पाया खाने के लिये तैयार है। आप इसे इडली , रोटी या प्‍लेन चावल के साथ खा सकते हैं।
खाने से पहले छोटा सा पीस अलग कटोरी मे निकाल कर महा काली एवं भैरों बाबा को भोग जरूर लगायें , वह हिस्सा चाहे दान कर दे या कुते को खिला दे ,आप की छोटी मोटी मनोकामना अपने आप पूरन होने लगे गी याद रखे मीट सिर्फ झटका ही खरीदे ।

आम बोलचाल में बकरे के पैर को गोड़ी या पाया भी कहा जाता है। इसमें भारी मात्रा में मैग्नीशियम, कैल्शियम, फास्फोरस, सोडियम, मिनरल्स, फ्लोराइड, पोटेशियम पाया जाता है, जो कि हड्डियों को मजबूत और विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसे सूप बनाकर सेवन करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और कब्ज, एसिडिटी, बदहजमी आदि पेट संबंधित रोग नहीं होते।

याद रखे बकरा सिर्फ झटके से कटा हो

यह कॉलेजन और यालुरोनिक अम्ल का एक बेहतर स्रोत है। इससे आपकी त्वचा जवान दिखेगी और नाखून और बाल भी मजबूत होंगे। एक अध्ययन के अनुसार इसका सूप पीने से सफेद रक्त कोशिकाएं कम होती है जिससे फ्लू और सर्दी नहीं होते हैं। यह तनाव को दूर करने और शरीर में ऊर्जा प्रदान करने का एक बहुत ही बेहतर स्त्रोत है। इसके इन्हीं चमत्कारी गुणों के कारण डॉक्टर भी मरीजों को इनका सेवन करने के लिए कहते हैं। महीने में एक बार भी अगर आप इसका सेवन करते हैं तो आपका शरीर रोगमुक्त और बलिष्ठ बन जाएगा।

दुसरी विधि
बनाने की विधि
एक बड़े बर्तन में प्याज और लहसुन का पेस्ट, काली मिर्च, धनिया, गरम मसाला, जीरा, मिर्च पाउडर, नमक, तेल और गोड़ी को मिलने के लिए 1 घंटे तक छोड़ दें। जब यह अच्छे से मिल जाए तो इसे कुकर में डालकर 1 लीटर पानी डाल दें और पांच से छह सिटी लगा दे। इसके बाद कुकर खोलकर थोड़ा पानी और डालें और फिर 3 सिटी लगा दें। पानी कम या ज्यादा करके आप अपने अनुसार सूप को पतला या गाढ़ा कर सकते हैं। सूप तैयार है, इसके बाद इसे धनिया का पत्ता नींबू और हरी मिर्च के साथ सर्व करने से पहले एक कटोरी मे महा काली को तथा भैरो को जरूर भोग लगा कर खाये ,इस से आप सभी दोषों से मुक्त हो कर भोजन का आनंद बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।

आशा करते हैं कि आप जरूर इस पकवान का आनंद लेंगे। अगर आपको इसके फायदे पसंद आए हो तो नीचे लाइक का बटन जरूर दबा दें।
जय महाकाली

Leave a comment